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मेदिनीनगर नगर निगम की सरकारी संपत्ति पर प्रचार होर्डिंग लगाने के लिए निगम से अनुमति लेना आवश्यक है, यह एक सामान्य और सही प्रक्रिया है। सरकारी संपत्तियों का उपयोग सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए होता है |

मेदिनीनगर नगर निगम की सरकारी संपत्ति पर प्रचार होर्डिंग लगाने के लिए निगम से अनुमति लेना आवश्यक है, यह एक सामान्य और सही प्रक्रिया है। सरकारी संपत्तियों का उपयोग सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए होता है, और किसी व्यक्ति विशेष के प्रचार के लिए उनका उपयोग नियमों के अनुसार ही होना चाहिए।
​ बेलवा टिकर स्थित गांधी उद्यान पार्क के अंदर और बाहर, निगम की पूर्व मेयर का व्यक्तिगत होर्डिंग हमेशा लगा रहता है, जबकि “नगर निगम आपका स्वागत करता है” का होर्डिंग क्यों नहीं लगाया जाता, यह विषय निश्चित रूप से विचारणीय है और एक महत्वपूर्ण सवाल उठाता है।
​यह सवाल निम्नलिखित पहलुओं को सामने लाता है:
​सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग: अगर निगम की संपत्ति का उपयोग लगातार किसी व्यक्तिगत राजनीतिक प्रचार के लिए हो रहा है, तो यह प्रथम दृष्टया नियमों का उल्लंघन और सरकारी संपत्ति का निजी हित के लिए दुरुपयोग हो सकता है, खासकर तब जब किसी और को इसी तरह के प्रचार के लिए अनुमति लेनी पड़ती है।
​पारदर्शिता और निष्पक्षता: नगर निगम को होर्डिंग लगाने की अनुमति देने के नियमों में पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए। अगर पूर्व मेयर को विशेष छूट मिल रही है, तो यह अन्य नागरिकों के लिए निष्पक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन है।
​सार्वजनिक संदेश बनाम व्यक्तिगत प्रचार: एक सार्वजनिक पार्क में, निगम की संपत्ति पर, “नगर निगम आपका स्वागत करता है” जैसा सार्वजनिक और संस्थागत संदेश होना अधिक उचित है, न कि किसी एक व्यक्ति का व्यक्तिगत प्रचार, भले ही वह पूर्व पदाधिकारी ही क्यों न हों।
​निगम के अधिकार और कर्तव्य: नगर निगम को अपनी संपत्ति की निगरानी करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी अनधिकृत होर्डिंग न लगा हो। यदि अनुमति है भी, तो उसकी समय-सीमा और उद्देश्य सार्वजनिक हित में होना चाहिए।
*बिहार झारखंड पलामू न्यूज़*

*रिपोर्ट पलामू ब्यूरो चीफ दिव्यांशु तिवारी*

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